Google+ Badge

Wednesday, 3 June 2015

वक़्त की धुंध में

वक़्त की धुंध में कहाँ खो गए हो तुम
कब छटेगी ये धुंध , और कब
आओगे नज़र तुम

- सालिहा मंसूरी

0 comments:

Post a Comment