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Friday, 17 July 2015

उसमें मुहब्बत का रंग

थी तो वो एक लड़की 
लेकिन लगता था 
ख़ुदा का भेजा हुआ 
फ़रिश्ता  है वो 
चेहरे पे थी वो चमक 
जैसे हो वो चाँद का टुकड़ा 
रौशन था उसका दिल 
इस तरह जैसे भरा हो 
उसमें मुहब्बत का रंग

- सालिहा मंसूरी
10.05.2014, 12:33 am

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