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Wednesday, 11 January 2017

बिछड़े साथी

बिछड़े साथी फिर नहीं मिलते -
टूटे आईने भी तो फिर नहीं जुड़ते ........ 



सालिहा मंसूरी  

1 comments:

Ashutosh Dubey said...

bahut sundar !
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika

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