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Saturday, 28 January 2017

अँधेरी रात में तेरी यादों के साये हैं

अँधेरी रात में तेरी यादों के साये हैं
सुनहरी धूप में तेरी बाँहों के साये हैं 

क्या यही है तेरे प्यार का असर 
कि हर चेहरे में तेरे चेहरे के साये हैं .....


सालिहा मंसूरी

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