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Saturday, 26 September 2015

आज कोई अपना सा लगा

आज कोई अपना सा लगा 
अपनी अधूरी दुनिया में 
वरना हर तरफ 
वीरानगी का आलम था 
और ख़ामोशी का अँधेरा 
आँखों में बरसात का मौसम 
और दिल में तन्हाई का बसेरा 
आज कोई अपना सा लगा 
अपनी अधूरी दुनिया में  ........


- सालिहा मंसूरी
25.07.15

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