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Sunday, 6 November 2016

ऐ मेरे दोस्त !

ऐ मेरे दोस्त !
तुम कभी हिम्मत मत हारना ,                                            
अपने धैर्य को,
अपने साहस को
हमेशा बनाए रखना
अपने दिल में
उम्मीदों के तारों को
हमेशा जगमगाए रखना

ज़िन्दगी के सफ़र में
कितनी भी कठिनाईयां आयें
तुम्हें हिम्मत और साहस
के साथ हर कठिनाई का
सामना करना है,
और अपने स्वाभिमान को
हमेशा जिंदा रखना है ...........

सालिहा मंसूरी

06.08.15 2:22  pm  

4 comments:

Kavita Rawat said...

अपने स्वाभिमान को
हमेशा जिंदा रखना है ....

M VERMA said...

अच्छी रचना

Saliha Mansoori said...

बहुत - बहुत शुक्रिया ... कविता रावत जी ...

Saliha Mansoori said...

बहुत - बहुत शुक्रिया ... कविता रावत जी ...

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