Saturday, 5 November 2016

न बहुत खुश हूँ न बहुत उदास हूँ

न बहुत खुश हूँ
न बहुत उदास हूँ
बस ! हर-दिन
तुम्हारी यादों के साथ
शुरू होता है, 

और तुम्हारी यादों
के साथ ही
खत्म हो जाता है
और ये सिलसिला
हर रोज यूँ ही
चलता रहता है .......
सालिहा मंसूरी

16.10.15. 8:40 pm 

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