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Thursday, 19 January 2017

फिजा में रंग कितने हों

फिजा में रंग कितने हों 
लेकिन मेरी हर शाम तुमसे है

चमन में फूल कितने हों 
लेकिन मेरी हर सुबहो तुमसे है ....

सालिहा मंसूरी

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